कासगंज में स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ी नाराजगी
उत्तर प्रदेश के कासगंज में स्मार्ट/प्रीपेड बिजली मीटर व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की असंतुष्टि अब खुलकर सामने आने लगी है। लगातार मिल रही शिकायतों के बीच यह मुद्दा जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है।इसी क्रम में समाजसेवी हरवीर भारतीय ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को उठाते हुए विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्मार्ट/प्रीपेड मीटर व्यवस्था को पोस्टपेड प्रणाली में बदलने की मांग रखी।प्रीपेड सिस्टम से बढ़ रही परेशानियां
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान प्रीपेड मीटर प्रणाली आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के लिए कष्टप्रद साबित हो रही है।
बैलेंस समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति का तत्काल बाधित होना सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है।
इस कारण उपभोक्ताओं में आर्थिक, मानसिक और सामाजिक असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
रात के समय या आपातकालीन परिस्थितियों में यह स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
पोस्टपेड विकल्प और बिलिंग में सुधार की मांग
हरवीर भारतीय ने जनहित में कई अहम सुझाव दिए हैं।
सभी उपभोक्ताओं को पोस्टपेड बिलिंग प्रणाली का विकल्प अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए।
पोस्टपेड व्यवस्था में कम से कम एक महीने का बिलिंग चक्र सुनिश्चित किया जाए।
जारी बिजली बिल के भुगतान के लिए न्यूनतम 15 दिन का ग्रेस पीरियड दिया जाए।
बिजली कटौती पर पहले सूचना देने की मांग
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि बैलेंस खत्म होने पर तुरंत बिजली काटने की बजाय उपभोक्ताओं को पहले सूचना और पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। इससे अचानक होने वाली असुविधा को कम किया जा सकेगा।
ग्रामीण और कमजोर वर्ग के लिए विशेष व्यवस्था
समाजसेवी ने यह भी मांग रखी कि:
प्रीपेड मीटर प्रणाली को पूरी तरह वैकल्पिक बनाया जाए।
केवल इच्छुक उपभोक्ता ही इसे अपनाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों और डिजिटल रूप से कमजोर वर्ग के लिए ऑफलाइन भुगतान की सुविधा और सहायता केंद्र स्थापित किए जाएं।
उपभोक्ताओं को स्पष्ट और विस्तृत बिलिंग विवरण उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासन के फैसले पर टिकी नजर
स्मार्ट मीटर को लेकर उठे इस मुद्दे के बाद अब कासगंज में बहस तेज हो गई है। उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही कोई ठोस निर्णय करेगा।
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